अपने दोस्तों के साथ चर्चा

तुम अपने आप के लिए डिस्कवर क्या भगवान की तरह है और कैसे तुम रहते हैं भगवान चाहता है चाहेंगे?

अधिकांश लोग अपने दोस्तों के साथ एक समूह में इन खोजों बनाने के लिए पसंद है। यहाँ आपकी चर्चा शुरू कर पाने के लिए कुछ सवाल हैं


    

आध्यात्मिक समुदाय की खोज #5

एक दूसरे के लिए देखभाल

1. इस  हफ्ते में आप किस चीज़ के लिए धन्यवादित हो? ( इस हफ्ते में क्या अच्छा हुआ?)

2. आप कौनसी समस्या से झूंझ रहे हो और हम किस प्रकार मदत कर सकते हैं? (इस हफ्ते में क्या अच्छा नहीं  हुआ?)

जवाबदेही

3. हमने जो वचन पिछले हफ्ते में सीखा उसको आपने अनुसरण में किस प्रकार लगाया ?

4. आपने वह वचन किसके साथ बांटा और आपको कैसे लगा?

5. क्या जरूरत है तुम पिछले हफ्ते में समुदाय को पूरा किया?

पता चलता है

6. आप किसी को एक वचन पढने के लिए कहें

7. एक सदस्य को अपने शब्दों में कहने के लिए कहें

8. बाकी सदस्यों को पूछे कि उसमे से क्या छूट गया है?

निर्गमन 20:1-21

1 तब परमेश्वर ने ये बातें कहीं,

“मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ। मैं तुम्हें मिस्र देश से बाहर लाया। मैंने तुम्हें दासता से मुक्त किया। इसलिए तुम्हें निश्चय ही इन आदेशों का पालन करना चाहिए।

“तुम्हे मेरे अतिरिक्त किसी अन्य देवता को, नहीं मानना चाहिए।

“तुम्हें कोई भी मूर्ति नहीं बनानी चाहिए। किसी भी उस चीज़ की आकृति मत बनाओ जो ऊपर आकाश में या नीचे धरती पर अथवा धरती के नीचे पानी में हो।किसी भी प्रकार की मूर्ति की पूजा मत करो, उसके आगे मत झुको। क्यों? क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ। मेरे लोग जो दूसरे देवताओं की पूजा करते हैं मैं उनसे घृणा करता हूँ। यदि कोई व्यक्ति मेरे विरुद्ध पाप करता है तो मैं उसका शत्रु हो जाता हूँ। मैं उस व्यक्ति की सन्तानों की तीसरी और चौथी पीढ़ी तक को दण्ड दूँगा।किन्तु मैं उन व्यक्तियों पर बहुत कृपालू रहूँगा जो मुझसे प्रेम करेंगे और मेरे आदेशों को मानेंगे। मैं उनके परिवारों के प्रति सहस्रों पीढ़ी तक कृपालु रहूँगा।

“तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के नाम का उपयोग तुम्हें गलत ढंग से नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति यहोवा के नाम का उपयोग गलत ढंग से करता है तो वह अपराधी है और यहोवा उसे निरपराध नहीं मानेगा।

“सब्त को एक विशेष दिन के रूप में मानने का ध्यान रखना।सप्ताह में तुम छः दिन अपना कार्य कर सकते हो।10 किन्तु सातवाँ दिन तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की प्रतिष्ठा में आराम का दिन है। इसलिए उस दिन कोई व्यक्ति चाहे तुम, या तुम्हारे पुत्र और पुत्रियाँ, तुम्हारे दास और दासियाँ, पशु तथा तुम्हारे नगर में रहने वाले सभी विदेशी काम नहीं करेंगे।”11 क्यों? क्योंकि यहोवा ने छ: दिन काम किया और आकाश, धरती, सागर और उनकी हर चीज़ें बनाईं। और सातवें दिन परमेश्वर ने आराम किया। इस प्रकार यहोवा ने शनिवार को वरदान दिया कि उसे आराम के पवित्र दिन के रूप में मनाया जाएगा। यहोवा ने उसे बहुत ही विशेष दिन के रूप में स्थापित किया।

12 “अपने माता और अपने पिता का आदर करो। यह इसलिए करो कि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा जिस धरती को तुम्हें दे रहा है, उसमें तुम दीर्घ जीवन बिता सको”

13 “तुम्हें किसी व्यक्ति की हत्या नहीं करनी चाहिए”

14 “तुम्हें व्यभिचार नहीं करना चाहिए”

15 “तुम्हें चोरी नहीं करनी चाहिए”

16 “तुम्हें अपने पड़ोसियों के विरुद्ध झूठी गवाही नहीं देनी चाहिए।”

17 “दूसरे लोगों की चीज़ों को लेने की इच्छा तुम्हें नहीं करनी चाहिए। तुम्हें अपने पड़ोसी का घर, उसकी पत्नी, उसके सेवक और सेविकाओं, उसकी गायों, उसके गधों को लेने की इच्छा नहीं करनी चाहिए। तुम्हें किसी की भी चीज़ को लेने की इच्छा नहीं करनी चाहिए।”

लोगों का परमेश्वर से डरना

18 घाटी में लोगों ने इस पूरे समय गर्जन सुनी और पर्वत पर बिजली की चमक देखी। उन्होंने तुरही की ध्वनि सुनी और पर्वत से उठते धूएँ को देखा। लोग डरे और भय से काँप उठे। वे पर्वत से दूर खड़े रहे और देखते रहे।19 तब लोगों ने मूसा से कहा, “यदि तुम हम लोगों से कुछ कहना चाहोगे तो हम लोग सुनेंगे। किन्तु परमेश्वर को हम लोगों से बात न करने दो। यदि यह होगा तो हम लोग मर जाएंगे।”

20 तब मूसा ने लोगों से कहा, “डरो मत! यहोवा यह प्रमाणित करने आया है कि वह तुमसे प्रेम करता है।”

21 लोग उस समय उठकर पर्वत से दूर चले आए जबकि मूसा उस गहरे बादल में गया जहाँ यहोवा था।

 

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आवेदन

9. जब पूरा वचन पूर्ण हो जाए, तो किसी को पूरी कहानी दोहराने के लिए कहें.

10. यह वचन हमें परमेश्वर के बारे में क्या बताता हैं?

11. यह वचन  हमें लोगों के बारे क्या बताता है?

की योजना बना

12. अगर इस वचन में सच्चाई है, तो हमें कौनसा व्यवहार इस हफ्ते में बदलना चाहिए?

13. आप किसको इस हेफाते में यह कहानी सुनायेंगे?

14. हमारे समाज/मोहल्ले ले में कौनसी जरूरतें है जो हम पूरा कर सकते हैं?