अपने दोस्तों के साथ चर्चा
तुम अपने आप के लिए डिस्कवर क्या भगवान की तरह है और कैसे तुम रहते हैं भगवान चाहता है चाहेंगे?
अधिकांश लोग अपने दोस्तों के साथ एक समूह में इन खोजों बनाने के लिए पसंद है। यहाँ आपकी चर्चा शुरू कर पाने के लिए कुछ सवाल हैं
आध्यात्मिक समुदाय की खोज #17
एक दूसरे के लिए देखभाल
1. इस हफ्ते में आप किस चीज़ के लिए धन्यवादित हो? ( इस हफ्ते में क्या अच्छा हुआ?)
2. आप कौनसी समस्या से झूंझ रहे हो और हम किस प्रकार मदत कर सकते हैं? (इस हफ्ते में क्या अच्छा नहीं हुआ?)
जवाबदेही
3. हमने जो वचन पिछले हफ्ते में सीखा उसको आपने अनुसरण में किस प्रकार लगाया ?
4. आपने वह वचन किसके साथ बांटा और आपको कैसे लगा?
5. क्या जरूरत है तुम पिछले हफ्ते में समुदाय को पूरा किया?
पता चलता है
6. आप किसी को एक वचन पढने के लिए कहें
7. एक सदस्य को अपने शब्दों में कहने के लिए कहें
8. बाकी सदस्यों को पूछे कि उसमे से क्या छूट गया है?
मत्ती 26:47-57
47यीशु जब बोल ही रहा था, यहूदा जो बारह शिष्यों में से एक था, आया। उसके साथ तलवारों और लाठियों से लैस प्रमुख याजकों और यहूदी नेताओं की भेजी एक बड़ी भीड़ भी थी।48यहूदा ने जो उसे पकड़वाने वाला था, उन्हें एक संकेत देते हुए कहा कि जिस किसी को मैं चूमूँ वही यीशु है, उसे पकड़ लो,
49फिर वह यीशु के पास गया और बोला, “हे गुरु!” और बस उसने यीशु को चूम लिया।
50यीशु ने उससे कहा, “मित्र जिस काम के लिए तू आया है, उसे कर।” फिर भीड़ के लोगों ने पास जा कर यीशु को दबोच कर बंदी बना लिया।
51फिर जो लोग यीशु के साथ थे, उनमें से एक ने तलवार खींच ली और वार करके महायाजक के दास का कान उड़ा दिया।
52तब यीशु ने उससे कहा, “अपनी तलवार को म्यान में रखो। जो तलवार चलाते हैं वे तलवार से ही मारे जायेंगे।
53क्या तुम नहीं सोचते कि मैं अपने परम पिता को बुला सकता हूँ और वह तुरंत स्वर्गदूतों की बारह सेनाओं से भी अधिक मेरे पास भेज देगा?
54किन्तु यदि मैं ऐसा करूँ तो शास्त्रों की लिखी यह कैसे पूरी होगी कि सब कुछ ऐसे ही होना है?”
55उसी समय यीशु ने भीड़ से कहा, “तुम तलवारों, लाठियों समेत मुझे पकड़ने ऐसे क्यों आये हो जैसे किसी चोर को पकड़ने आते हैं? मैं हर दिन मन्दिर में बैठा उपदेश दिया करता था और तुमने मुझे नहीं पकड़ा।
56किन्तु यह सब कुछ घटा ताकि भविष्यवक्ताओं की लिखी पूरी हो।” फिर उसके सभी शिष्य उसे छोड़कर भाग खड़े हुए।
57जिन्होंने यीशु को पकड़ा था, वे उसे कैफ़ा नामक महायाजक के सामने ले गये। वहाँ यहूदी धर्मशास्त्री और बुजुर्ग यहूदी नेता भी इकट्ठे हुए।
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आवेदन
9. जब पूरा वचन पूर्ण हो जाए, तो किसी को पूरी कहानी दोहराने के लिए कहें.
10. यह वचन हमें परमेश्वर के बारे में क्या बताता हैं?
11. यह वचन हमें लोगों के बारे क्या बताता है?
की योजना बना
12. अगर इस वचन में सच्चाई है, तो हमें कौनसा व्यवहार इस हफ्ते में बदलना चाहिए?
13. आप किसको इस हेफाते में यह कहानी सुनायेंगे?
14. हमारे समाज/मोहल्ले ले में कौनसी जरूरतें है जो हम पूरा कर सकते हैं?










